राष्ट्रीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क (एन.ओ.एफ.एन)
 
राष्‍ट्रीय ऑप्टिक फाईबर नेट्वर्क (एनओएफएन) का निर्माण पंचायत के लिए एक ब्राडबैंड संयोजकता उपलब्‍ध कराने के लिए की गयी है। जो कि शासन, बैंकिंग और स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सेवाओं को ऑनलाईन उपलब्‍ध कराने में मदद करेंगी। इसकी आरम्भिक लागत लगभग रू. 20,000/- करोड़ है ।

इस परियोजना का उददेश्‍य यूएसओ (यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन) फंड से रू.20,000/- करोड़ का उपयोग कर मौजूदा ऑप्टिकल फाईबर नेट्वर्क को ग्राम पंचायत स्‍तर तक विस्‍तृत करना है, जो कि अभी जिला और संभाग स्‍तर पर उपलब्‍ध है। हांलाकि व्‍यक्तिगत उपयोग‍कर्ताओं के लिए सेवा उपलब्‍ध कराने हेतु ठीक इसी प्रकार की समान राशि एक निजी सेक्‍टर द्वारा एनओएफएन बुनियादी ढ़ाचे को पूर्ण करने हेतु निवेश करने की संभावना है। विश्‍व बैंक द्वारा किये गये एक अध्‍ययन के अनुसार, ब्राडबैंड कनेक्‍शन में 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ ही जीडीपी वृद्धि दर में भी 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यह् परियोजना अगले दो सालों में पूर्ण होने की संभावना है। एनओएफएन भी विभिन्‍न ई-प्रशासन सेवायें जैसे ई-स्‍वास्‍थ्‍य, ई-बैंकिंग और ई-शिक्षा को सुगमता से कार्यान्वित करेगा। प्रारंभिक रूप में, ब्राडबैंड परियोजना स्‍टेट स्‍वामित्‍व भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और अन्‍य संस्‍थायें जैसे : रेलटेल, पॉवर ग्रिड एण्‍ड द गैस एथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा निष्‍पादित किया जायेगा।

प्रस्‍तावित एनओएफएन परियोजना, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा रू.50,000/- करोड़ की लागत से प्रारंभ की गयी विभिन्‍न ई-प्रशासन सेवाओं के प्रभावी और तीव्र कार्यान्‍वयन को सक्षम करेगी और उक्‍त क्षेत्रों में इलेक्‍ट्रानिक सेवायें प्रदान करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी निजी सेक्‍टर द्वारा सेवा प्रदान करने को सक्षम बनायेगी।