एम-गव्हर्नेंस

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ,मध्यप्रदेश द्वारा ई-गव्हर्नेंस के अंतर्गत सूचना एवं संचार तकनीकी का उपयोग करते हुए जनसेवाओं को सरलता एवं सुगमता के साथ आम नागरिकों तक पहुँचाने की व्यवस्था के सतत प्रयास किये जा रहे है । ई-गव्हर्नेंस के तहत सामान्यत: कम्प्यूकटर और नेटवर्क सिस्टम से निर्मित व्यवस्थाओं को सम्मिलित किया जाता रहा है ।

वर्तमान मे , मोबाईल फोन के उपयोग की असीमित संभावनाओं को देखते हुए एम-गव्हर्नेंस के रूप में इसे पृथक से पहचान दी गई है। विगत कुछ वर्षों में मोबइाल फोन एवं मोबाईल नेटवर्क का अत्यधिक विस्तार हुआ है , अत: सरकारी सेवाओं को नगरिको तक पहुचाने के लिये मोबाईल नेट्वर्क के उपयोग की सम्भावनाओ पहचानते हुए परियोजनाओ को बढावा दिया जा रहा है , ताकि एक नागरिक शासकीय सेवाएँ कभी भी कही भी प्राप्त कर सकेगा।


एम-गव्हर्नेंस के माध्यम से मोबाईल धारक किसी भी समय किसी भी स्थान से जन सेवाओं की मांग करने में सक्षम होगा। कागज़ के माध्यम से प्रदान की जाने सभी सेवाएं वह अपने मोबाईल फोन पर प्राप्त कर सकेगा। साथ ही सेवाओं के लिए किया जाने वाला भुगतान भी वह अपने मोबाईल फोन के माध्यम से ही कर सकेगा। प्रदेश में बढ़ते हुए मोबाईल उपयोग के प्रचलन को देखते हुए मोबईल –गव्हर्नेंस का क्षेत्र अत्यन्त महत्वूपर्ण हो रहा है।

भविष्य की संभावनाओं के मद्देनज़र सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मध्यप्रदेश शासन इस पहल को गंभीरता से लेते हुए एम-गव्हर्नेंस पर कार्य कर रहा है। एम-गव्हर्नेंस के क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशने, नवीनतम मोबाईल तकनीकों से परिचित होने और एम-गव्हर्नेंस की दिशा में प्रयास हेतु सभी विभागों को प्रेरित करने के लिए समय-समय पर इस विषय पर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाता रहा है।