म.प्र. स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क:-


स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क की परिकल्पना , सूचना प्रौद्योगिकी के वित्तीय और सामाजिक रूप से लाभ प्राप्त करने के उद्द्येश्य से गयी है। यह परियोजना प्रदेश स्तर पर ध्वनि, डाटा और वीडियो द्वारा संचार का मूल आधार उपलब्ध कराने के लिए है । साथ ही यह ई-गवर्नेन्स परियोजना लागू करने का एक प्रभावी माध्यम भी है। स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क परियोजना शासकीय सेवाओं और जानकारियों को कभी भी, कहीं भी उपयोग करने के लिए सुनिश्चित की गयी है।

इसके माध्यम से प्रदेश स्तर हॉरीज़ोंटल और वर्टिकल दोनो कनेक्टीविटी में विश्वसनीय नेटवर्क है । स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क द्वारा सरकारी विभागों के मध्य संचार सुविधा पर होने वाले व्यय में कमी लायी जा सके। साथ ही संवेदनशील डाटा, पेमेन्ट इत्यादि के आदान प्रदान को उच्च क्षमता के साथ इलेक्ट्रानिक ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध कराना है। आपदा प्रबंधन के लिए यह एक सुरक्षित नेटवर्क की बुनियादी सुविधा के रूप में उपलब्ध होगा।

म.प्र. स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क जी-टू-जी, जी-टू-सी तथा जी-टू-बी के मध्य एक हाईवे है जो कि 50 जिला कार्यालयों और 313 विभागों/तहसीलों के मध्य न्यूनतम 2 एमबीपीएस की कनेक्टीविटी प्रदान करता है। स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क के मुख्य अंश है:

  • सभी स्थानों पर डाटा कम्यूनिकेशन, वाईज ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल (वी.ओ.आई.पी. वीडियो कान्फ्रेन्सिंग (वी.सी.) तथा सिलेक्टिव इंटरनेट उपलब्ध कराता है।
  • लीज लाईन अथवा आई.एस.डी.एन. के माध्यम से प्रदेश भर के अंतिमछोर तक कनेक्टीविटी उपलब्ध करना।
  • जहां वायर लाईन उपलब्ध न हों, वहां वायरलेस के माध्यम से अंतिमछोर कनेक्टीविटी उपलब्ध कराना।
  • जिलों में 99 प्रतिशत तथा विकास खण्ड/तहसीलों में 95 प्रतिशत की सुनिश्चित अपटाईम सेवा उपलब्ध।
  • सभी स्थानों पर पावर बेकअप सुविधा उपलब्ध।

स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क को 360 प्वाइंट आफ प्रेसेन्स (पीओपीएस) के साथ विकास खण्ड, तहसीलों और जिला हेडक्वार्टरों में उपलब्ध कराया गया है। नेटवर्क प्रबंधन केन्द्र, प्रदेश की राजधानी में कार्यरत है और एक ही स्थान से पूरे नेटवर्क की वास्तविक निगरानी की जा रही है । परियोजना के पूर्ण रूप से संस्थापन के बाद आपरेटर संस्था 05 वर्ष की अवधि के लिए नेटवर्क को संचालित और अद्यतित करेगी, शासकीय विभागों को बिना किसी लागत पर स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क की सेवा उपलब्ध करायी जा रही है।

अभी तक पीओपीएस के कुल 332 इकाईयों ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है और 800 से ज्यादा वर्टिकल कनेक्शन प्रदान किये गये हैं। म.प्र. को पंचायत स्तर पर ब्राडबैंड कनेक्टीविटी देने के लिए महत्वाकांक्षी नेशनल आप्टीकल फाइबर नेटवर्क (एन.ओ.एफ.एन.) परियोजना पर लगाया जायेगा।